मेरे गांव का नंदू नाई अच्छे बाल बनाता है। श्राद्ध संस्कार और मुंडन सर्विस स्पेशल डिस्काउंट दिलाता है। नंदू की बीवी गौरा भी घर-घर ब्यूटी पार्लर चलाती है। फेसिअल और घुंगराले बाल आपके घर जाकर कर आती है। क्या कहा? इसमें मेरा क्या फायदा? कमीशन एजेंट नहीं हूँ, बात कुछ और है। अच्छे पड़ोसी होने का फ़र्ज है ये, आजकल वोकल फॉर लोकल का दौर है। बड़े उद्योगपति सब बहुत कमा चुके, कोसना छोड़ो, कर्म करने का तौर है। सपने देना उनका काम, पूरा करना हमारा, समझ लो जब तक मोदीजी सर मौर है।
मेरे लिखित कविताएँ और कहानियाँ जो मातृभूमि के लिए मेरी श्रद्धांजलि है और कुछ विचार हमेशा सोच में रखने के लिए!